मेडिटेशन को बनाएं रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा
मेडिटेशन यानी ध्यान का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप किसी शांत कमरे में आंखें बंद कर चुपचाप बैठ जाएं। बल्कि मेडिटेशन सचेत रहने की एक अवस्था है। इसका अभ्यास आप खाते, पीते, सोते, जागते कभी भी कर सकते हैं। विज्ञान की मानें तो मेडिटेशन यानी ध्यान के कई फायदे हैं जिनसे हमारी सेहत बेहतर होती है। ऐसे में जानें, कि मेडिटेशन को कैसे बना सकते हैं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा-
1. चलते समय- वॉकिंग, सेहत के लिए लाभदायक है। ऐसे में अगर आप दिनभर में महज 15 मिनट का समय भी बिना किसी डिस्टर्बेंस के वॉकिंग के लिए निकाल लेते हैं तो इस दौरान अपने विचारों को भटकने ना दें। इसकी जगह अपनी सांसों पर या पैरों की आवाज पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।
2. खाते समय- जब आप खाना खाने बैठें तो पहला निवाला मुंह में डालते ही कुछ सेकंड्स निकालकर खाने के स्वाद पर ध्यान दें। खाने की खुश्बू और उसमें मौजूद चीजों को महसूस करें। आपको हमेशा ऐसा करने की जरुरत नहीं है। दिनभर में 1 या 2 बार इसका अभ्यास करें।
3. ब्रेक के समय- जब आप काम से ब्रेक लेते हैं तो क्या करते हैं फेसबुक और वॉट्सअप चेक करते हैं या लोगों से फोन पर बात करते हैं। हैं ना... लेकिन अब बदलाव का वक्त आ गया है। कुछ समय के लिए गैजेट्स से खुद को दूर करें और अपने लिए कुछ वक्त निकालें और उस पल को खुलकर जिएं।
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Rajesh Pathak
4. ब्रश करते वक्त- शायद आपको सुनने में अजीब लगे लेकिन आप ब्रश करते वक्त भी मेडिटेशन कर सकते हैं। ब्रश किस तरह आपके दांतों और पूरे मुंह में घूम रहा है उस पर और टूथपेस्ट के टेस्ट पर ध्यान दें।
5. सांस पर ध्यान दें- दिनभर में कुछ मिनट का वक्त निकालें और खुलकर सांस लें। जब आप सांस लें तो हवा को महसूस करें। सांस लेते वक्त शरीर में होने वाली हलचल को महसूस करें। जब आप कुछ दिन तक इसका अभ्यास करेंगे तो आपको खुद ही अपने आप में बदलाव नजर आएगा।
6. प्रकृति को महसूस करें- अगर आप किसी पार्क या खुले मैदान में मौजूद हैं तो वहां भी आपको मेडिटेशन के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। आप खड़े हैं, बैठे हैं या चल रहे हैं, किसी भी अवस्था में क्यों ना हों, अपने ईर्द-गिर्द मौजूद प्रकृति और उसके दिए तोहफों को महसूस करें।


