ईरानी महिला नरगिस की सजा मामले में सुषमा स्वराज ने कहा, मदद नहीं कर पाऊंगी
नई दिल्ली
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ओडिशा में ईरानी मूल की एक महिला के खिलाफ कोर्ट में चल रहे मामले में किसी तरह की मदद कर पाने से इनकार किया है। सुषमा का कहना है कि यह मामला कोर्ट में है, इसलिए वह मदद नहीं कर पाएंगी। बता दें कि इससे एक दिन पहले ही सुषमा ने इस मामले में ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।
सुषमा ने ट्वीट कर कहा, 'मुझे ओडिशा सरकार की रिपोर्ट मिल गई है। ट्रायल कोर्ट ने नरगिस को एक साल कैद और 3 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। नरगिस ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल कर रखी है। यह जुडिशल मामला है, इसलिए मैं इस केस में मदद नहीं कर सकती हूं।'
I have received the report from Government of Odisha. The trial court has convicted Narges K Ashtari to one year imprisonment /1 https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/814511866156199938 …
and Rs.3,00,000/- fine. She has filed an appeal before Sessions Court which is pending. The appellate court has @BorisJohnson@JZarif /2
released her on bail pending appeal. This is a judicial order and the matter is sub judice. /3 @BorisJohnson @JZarif
Therefore, I am unable to help in this case./4 @BorisJohnson@JZarif
नरगिस ओडिशा के रायगढ़ में अनाथाश्रम चलाती थी। 2014 में एक ट्रिप के दौरान उसके अनाथाश्रम से जुड़े एक दंपती का बच्चा लापता हो गया था। इसके लिए नरगिस को जिम्मेदार माना गया। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर नरगिस की रिहाई के लिए मुहिम चल रही थी। ईरान से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, वहां के विदेश मंत्री भी इस मामले में दिलचस्पी ले रहे हैं। हाल में सुषमा ने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ट्वीट कर कहा था कि मैंने ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मांगी है।



Sushma Swaraj