पार्थिव ने पहली बार गुजरात को बनाया रणजी ट्रोफी चैंपियन  |  इन दलीलों के साथ 'साइकल' पर दावे के लिए चुनाव आयोग जाएंगे मुलायम  |  पांच राज्यों में चुनाव: विपक्ष नहीं चाहता 1 फरवरी को आए बजट, चुनाव आयोग तक पहुंची बात  |  बीटल्स के गाने पर विपक्षी नेताओं के साथ जमकर झूमे मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा  |  मुलायम के दो सिग्नेचर से उठे सवाल, क्या कोई और ले रहा है फैसले?

पार्थिव ने पहली बार गुजरात को बनाया रणजी ट्रोफी चैंपियन

इंदौर
गुजरात ने 41 बार के चैंपियन मुंबई को पांच विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रोफी का खिताब जीता। मुंबई ने जीत के लिए गुजरात के सामने 312 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे कप्तान पार्थिव पटेल की शानदार कप्तानी पारी (143) की बदौलत टीम ने 89.5 ओवर में हासिल कर लिया। पार्थिव पटेल को इस यादगार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुंबई की टीम पहली पारी में 228 पर ढेर हो गई थी, गुजरात ने 328 रन बनाकर 100 रनों की बढ़त ले ली थी। यदि यह मैच ड्रॉ भी हो जाता तो भी चैंपियन होता, क्योंकि उसने पहली पारी में बढ़त हासिल कर ली थी।

गुजरात इससे पहले 1950-51 में रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा था। गुजरात पहली बार फाइनल में होल्कर क्रिकेट टीम से हारा था और इत्तेफाक देखिए कि इस बार उसने होल्कर स्टेडियम में ही यह जीत हासिल की। पार्थिव के अलावा मनप्रीत जुनेजा ने भी 54 रनों का अहम योगदान दिया।

दिन की शुरुआत गुजरात के लिए अच्छी नहीं रही। टीम के खाते में एक भी रन नहीं जुड़ा था कि पंचाल कैच आउट हो गए। 51 के स्कोर पर टीम को दूसरा और फिर 89 पर तीसरा झटका लगा। लेकिन इसके बाद पार्थिव पटेल ने जिस अंदाज में बैटिंग की उसका मुंबई के गेंदबाजों के सामने कोई जवाब नहीं था। पार्थिव ने 196 गेंदों में 143 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 24 चौके लगाए।